कैसे टाइम क्लॉक IBM की शुरुआत की कहानी के केंद्र में हैं
इतिहास अंतिम अपडेट: 5 मार्च 2026
सबसे पहली कर्मचारी टाइम क्लॉक का पेटेंट 1888 में विलार्ड लेग्रैंड बंडी ने ऑबर्न, न्यूयॉर्क में कराया था। बंडी आविष्कार के शौक़ीन एक जौहरी थे, जो पहले भी मशीनी गणना उपकरण और बिजली से चलने वाले कैश रजिस्टर बना चुके थे। टाइम क्लॉक का फ़ायदा नियोक्ताओं को तुरंत समझ आ गया। उन्हें वेतन का हिसाब लगाने के लिए दर्जनों या सैकड़ों मज़दूरों के आने-जाने का समय हाथ से लिखना पड़ता था, जो मुश्किल और समय खाने वाला काम था, ख़ासकर 19वीं सदी के आख़िर में आम बड़े कारख़ानों में।
“टाइमस्टैम्प” का आविष्कार
बंडी का उपकरण साधारण घड़ी से काफ़ी आगे की चीज़ था। इसकी सबसे बड़ी ख़ूबी एक खाँचा था, जिसमें कर्मचारी काग़ज़ का कार्ड डालता था। कार्ड के खाँचे के आख़िर तक पहुँचते ही मशीन अपने आप उस पर मौजूदा तारीख़ और समय छाप देती थी। आधुनिक कंप्यूटर शब्द “टाइमस्टैम्प” इसी तरीक़े से आया है।
हर कर्मचारी को अपना अलग कार्ड मिलता था, जिसे वह काम पर आते और जाते समय डालकर अपने शुरू और ख़त्म होने का समय दर्ज करता था। इससे वेतन के ज़रूरी डेटा को इकट्ठा करना एक जगह और अपने आप होने लगा, और नियोक्ता हर वेतन अवधि के आख़िर में दर्ज टाइमस्टैम्प के बीच के घंटे आसानी से जोड़ सकते थे।
बंडी के आविष्कार से कारोबारी कामयाबी तक
आविष्कार के एक साल बाद, 1889 में, विलार्ड और उनके भाई हार्लो एलिशा बंडी ने, जिन्हें कारोबार की ज़्यादा समझ थी, बंडी मैन्युफ़ैक्चरिंग रिकॉर्डिंग कंपनी की स्थापना की। उन्होंने टाइम क्लॉक बेचनी शुरू कीं, जो जल्द ही बहुत बड़ी कारोबारी कामयाबी बन गईं। 1890 के दशक के आख़िर तक कंपनी को अमेरिकी डाक सेवा समेत बड़े संगठनों से अहम ठेके मिल चुके थे।
बाज़ार बढ़ने के साथ मुक़ाबला भी बढ़ा। 1900 में बंडी मैन्युफ़ैक्चरिंग रिकॉर्डिंग कंपनी समेत घड़ी बनाने वाली कई प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के विलय से इंटरनेशनल टाइम रिकॉर्डिंग कंपनी (ITR) बनी।
IBM तक का सफ़र
अगले एक दशक तक टाइम क्लॉक और जोड़ने वाली मशीनें बनाने के बाद, 1911 में ITR एक बड़ी होल्डिंग कंपनी, यानी ट्रस्ट, का हिस्सा बन गई। इस नई कंपनी का नाम कंप्यूटिंग-टैबुलेटिंग-रिकॉर्डिंग कंपनी (CTR) था।
CTR तब तक 1,300 से ज़्यादा कर्मचारियों वाली बड़ी कंपनी बन चुकी थी, जो कर्मचारियों के समय का हिसाब रखने वाले सिस्टम, तराज़ू, मीट स्लाइसर और पंचकार्ड मशीनों जैसे तरह-तरह के उपकरण बनाती थी।
1924 में CTR ने आख़िरी बार अपना नाम बदला और इंटरनेशनल बिज़नेस मशीन्स कॉर्पोरेशन (IBM) बन गई। IBM ने 30 से ज़्यादा साल तक टाइम क्लॉक बनाना जारी रखा। लेकिन 1958 में कंपनी ने अपना मुख्य ध्यान टैबुलेशन उपकरणों और कंप्यूटरों पर लगाने का फ़ैसला किया। इसलिए IBM ने अपना टाइम इक्विपमेंट डिवीज़न, जिसमें मूल बंडी मैन्युफ़ैक्चरिंग रिकॉर्डिंग कंपनी से जुड़ी हर चीज़ शामिल थी, Simplex Time Recorder Company को बेच दिया।
आज भी आप न्यूयॉर्क के बिंघमटन में बंडी संग्रहालय में मूल बंडी टाइम क्लॉक देख सकते हैं।


Loïc Joachim
Loïc Joachim न्यूज़ीलैंड में रहने वाले आईटी पेशेवर, उद्यमी और राजनीतिक व्यक्ति हैं। वे इस समय Timeclock.Kiwi के प्रबंध निदेशक और O'Brien Group के आईटी मैनेजर हैं। वे डुनेडिन लेबर पार्टी के उपाध्यक्ष के रूप में राजनीति में भी सक्रिय हैं, और एक विपुल लेखक हैं जो तकनीक, व्यवसाय और राजनीति पर अपना ज्ञान और विचार साझा करते हैं।